भारतीय संविधान के शिल्पकार, समाज सुधारक और महान अर्थशास्त्री डॉ. भीमराव अंबेडकर (बाबा साहेब) की जयंती 14 अप्रैल को पूरे देश में समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में मनाई जाती है। बाबा साहेब ने न केवल भारत को उसका संविधान दिया, बल्कि जातिवाद और असमानता के खिलाफ एक वैचारिक क्रांति की शुरुआत की। उनके कार्यों ने न केवल भारत में सामाजिक न्याय की दिशा बदल दी, बल्कि पूरी दुनिया में मानवाधिकारों और समानता के लिए प्रेरणा दी।ALSO READ: Ambedkar quotes: बाबासाहेब अंबेडकर के 10 अमूल्य विचार, जो आज भी दुनिया बदल सकते हैं